23 एसे अगर तूँ आपन भेंट, बेदी माहीं चढ़ामँइ लइआए हया, अउर उहाँ तोंहईं सुधि आय जाय, कि तोंहरे भाई के मन माहीं तोंहरे खातिर कुछू बिरोध हय,