16 उहयमेर से तोंहार पंचन के निकहे काम उँजिआर कि नाईं मनइन के आँगे चमकँइ, जउने ऊँ पंचे तोंहरे निकहे कामन काहीं देखिके स्वरग माहीं रहँइ बाले तोंहरे पिता परमातिमा के बड़ाई करँय।”