5 अउर ऊँ पंचे अपने सगले कामन काहीं, मनइन क देखामँइ के खातिर करत हें: अउर ऊँ पंचे अपने तहबीजन अउर ओन्हन के झालरन काहीं, एसे बड़ी से बड़ी करत रहत हें, कि जउने मनई उनहीं धरमी समझँय।