8 जब साँझ भय तब अंगूर के बगिया के मालिक अपने भन्डारी से कहिन, कि “सगले मजूरन काहीं बोलाइके उनखर मजूरी दइ द्या जउन काम माहीं आखिरी से लइके सुरू तक आएँ हँय।