9 का तूँ पंचे अबय तक नहीं समझे पाया? का तोहईं पंचन काहीं ऊँ पाँच हजार मनइन के खातिर, पाँचठे रोटिन के सुध नहिं आय, अउर का तोहईं पंचन काहीं इहव सुध नहिं आय, कि केतनी टोपरी रोटी भरिके उठाया तय?