41 मनई के लड़िका अपने स्वरगदूतन काहीं पठइहँय, अउर ऊँ पंचे उनखे राज म से ऊँ सगलेन काहीं जउन दुसरे मनइन काहीं पाप करँइ के खातिर उकसाबत हें, अउर कुकर्मिन काहीं घलाय एकट्ठा करिहँय।