7 अउर अगर तूँ पंचे इआ बात के मतलब जन त्या, कि “हम दया करँइ से प्रसन्न होइत हएन, बलिदान से नहीं।” त तूँ पंचे निरदोस काहीं दोसी न ठहरउ त्या।