24 काहेकि जे कोऊ आपन प्रान बचामँइ चाही, उआ ओही गमाय देई, पय जे कोऊ हमरे खातिर आपन प्रान तक देंइ काहीं तइआर रही, उहय ओही बचाए पाई।