42 जब उनखे लघे रिन पटामँइ के खातिर कुछू नहीं रहा, तब ऊँ साहूकार दोनव जनेन के रिन माफ कइ दिहिन। एसे उनमा से कउन उनसे जादा प्रेम करी?”