27 ईं, उँइन आहीं, जिनखे बारे माहीं पबित्र सास्त्र माहीं लिखा हय: ‘देखा, हम अपने दूत काहीं तोंहरे आँगे-आँगे पठइत हएन, जउन तोंहरे खातिर मनइन काहीं तइआर करिहँय।’