25 पुनि तूँ पंचे का देखँइ गया तय? का कोमर ओन्हा पहिरे मनई काहीं? देखा, जउन कीमती ओन्हा पहिरे सुख-बिलास से रहत हें, ऊँ राजमहलन माहीं रहत हें।