37 अउर कउनव मनई नबा अंगूर के रस काहीं, पुरान मसकन माहीं भरिके नहीं धरय, काहेकि नबा अंगूर के रस पुरान मसकन काहीं फारिके बहि जई, अउर मसकँय घलाय बरबाध होइ जइहँय।