34 “हे नासरत गाँव के यीसु, हमार अपना से कउनव काम नहिं आय। का अपना हमहीं नास करँइ आएन हँय? हम अपना काहीं जानित हएन, कि को आहेन? अपना परमातिमा के पबित्र जन आहेन!”