5 जब ऊँ पंचे मारे डेरन के नीचे काहीं मूड़ कए रहि गईं, तब ऊँ दोनव जने उनसे कहिन, “तूँ पंचे जिन्दा काहीं, मरेन माहीं काहे ढुँढ़ते हया?