71 तब ऊँ पंचे कहिन, “अब हमहीं कउनव गबाही के जरूरत नहिं आय, काहेकि हम पंचे खुदय ओखे मुँहे से सुन लिहेन हय; कि उआ अपने काहीं परमातिमा के लड़िका कहत हय।”