7 “मानि ल्या, कि तोंहरे पंचन म से कोहू के लघे एकठे दास हय, जऊँ हर जोतत हय, इआ कि गाड़र चराबत हय, अउर जब उआ खेत से लउटिके आबय, त का ओखर स्वामी ओसे कही, कि ‘हरबी आइके हमरे साथ खाना खाँय बइठ’?