7 जउने घर माहीं जया, उहय घर माहीं रह्या, अउर जउन कुछू उआ घर के मनई खबामँय, उहय खया-पिया, काहेकि मजूर काहीं आपन मजूरी जरूर मिलँय चाही; खाँय के खातिर घर-घर न जया।