Bible and Study - BibliaTodo
Bibles, commentaries, dictionary, free reading plans, and more...
5.0★★★★★
5 का तूँ पंचे पबित्र सास्त्र के बातन काहीं बेकार समझते हया, जउने आत्मा काहीं उँइ हमरे पंचन के भीतर बसाइन हीं, का उआ अइसन इच्छा करत हय, जउने के प्रतिफल इरसा होय?