14 अउर इआ नहीं जनते आह्या, कि काल्ह का होई: सुन त ल्या, तोंहार जीबन हइअय का आय? तूँ पंचे त मानो भाफ कि नाईं हया, जउन थोरी देर त देखाई देत ही, अउर पुनि हेराय जात ही।