1 तोंहरे बीच माहीं लड़ाई-झगड़ा काहे होत हें? तूँ पंचे आपस माहीं लड़ाई-झगड़ा काहे करते हया? तोंहरे मन माहीं जउन सुख-बिलास के इच्छा रहती हईं, उनहिन के कारन इआ सगला होत हय।