1 हे हमार भाई-बहिनिव, तोंहरे पंचन म से खुब जने उपदेसक न बनँय, काहेकि तूँ पंचे त जनतेन हया, कि हम पंचे जउन उपदेस देंइ बाले हएन, त हमार पंचन के न्याय अधिक कड़ाई के साथ कीन जई।