1 हरेक महायाजक मनइन म से लीन जात हय, अउर उआ परमातिमा से सम्बन्धित बातन माहीं, मनइन के अँगुआई करँइ के खातिर ठहराबा जात हय। जउने उआ भेंट अउर मनइन के पापन के माफी के खातिर बली चढ़ाबा करय।