18 अउर ऊँ कउने मनइन से कसम खाइन तय, कि तूँ पंचे हमरे अराम के जघा माहीं न जाए पइहा? का केबल ऊँ पंचन से नहीं, जउन उनखर हुकुम नहीं मानिन तय?