2 हम तोंहसे पंचन से केबल एतना जानँय चाहित हएन, कि तूँ पंचे पबित्र आत्मा काहीं मूसा के बिधान के पालन करँय से पाया हय, कि खुसी के खबर काहीं सुनिके, बिसुआस किहे से पाया हय?