18 हम पवलुस अपने हाँथ से तोंहईं पंचन काहीं नबस्कार लिखित हएन, हम जेल माहीं हएन, एही तूँ पंचे सुध रख्या; हम प्राथना करित हएन, कि तोंहरे पंचन के ऊपर परमातिमा के किरपा होत रहय। आमीन!