36 गइल माहीं चलत-चलत ऊँ पंचे जहाँ पानी रहा हय, उआ जघा माहीं पहुँचिगें, तब खोजा उनसे कहिन, “देखी, इहाँ पानी हय, अब हमहीं बपतिस्मा लेंइ माहीं कउनव अरचन नहिं आय।”