41 पय सगले मनइन काहीं नहीं, बलकिन उन गबाहन काहीं, जिनहीं परमातिमा पहिलेन से चुनि लिहिन तय, अरथात हमहीं पंचन काहीं, जउन उनखे मरेन म से जिन्दा होए के बाद उनखे साथ खाएन-पिएन।