15 अउर हमरे पंचन के प्रभू के धीरज काहीं मुक्ती समझा, इहइमेर हमार पंचन के पियार भाई पवलुस घलाय, परमातिमा के द्वारा जउन ग्यान उनहीं मिला रहा हय, ओखे मुताबिक तोहईं पंचन काहीं लिखिन हीं।