4 बलकिन हम पंचे परमातिमा के सेबक के रूप माहीं, खुद काहीं निकहा साबित करित हएन, बड़े धीरज के साथ दुख-मुसीबत माहीं, गरीबी माहीं, संकटन माहीं,