9 अउर जब हम पंचे निबल हएन, अउर तूँ पंचे बलमान हया, त हम पंचे आनन्द से भर जइत हएन, अउर इआ प्राथना घलाय करित हएन, कि तूँ पंचे पूरी तरह से बिसुआस माहीं मजबूत बन जा।