4 उआ मनई जउन स्वरग लोक माहीं उठाय लीनगा रहा हय, उआ अइसन बातन काहीं सुनिस, कि जिनहीं बताबा नहीं जाय सकय; अउर जिनहीं बतामँइ के अनुमति मनई काहीं नहिं आय।