17 ओखे बाद हमरे पंचन म से जेतने जिन्दा बचे रहब, उनहिन के साथ बदरिन माहीं उठाय लीन जाब, कि प्रभू से अकास माहीं मिली, अउर इआमेर से हम पंचे हमेसा प्रभू के साथ रहब।