9 पय अगर ऊँ पंचे अपने देंह के इच्छन काहीं अपने काबू माहीं नहीं कइ सकँय, त ऊँ पंचे काज कइ लेंय, काहेकि सारीरिक सम्बन्ध बनामँइ के बड़ी इच्छा रखिके जिए से, उनहीं पंचन काहीं काज कइ लेब नीक हय।