1 हे भाई-बहिनिव, जब हम तोंहरे लघे आए रहेन हँय, त परमातिमा के छिपी योजना काहीं बढ़ाय-चढ़ाइके अउर अपने चतुराई से तोहईं नहीं बतायन।