11 उ मोहसे कहेस, “उ सबइ एका सिनार मँ लइ जात ह। हुवाँ उ पचे एक ठु घर बनाब। जब घर तइयार होइ जाइ, तउ उ पचे उ टोकरी क ओकरे जगह पइ धरिहीं।”