27 एहूद सेइरे नाउँ क ठउरे पइ पहुँचा। तब उ एप्रैम क पहाड़ी छेत्र मँ तुरही बजाएस। इस्राएल क लोग तुरही क आवाज सुनेन अउर उ पचे पहाड़ियन स उतरेन। एहूद ओनकर संचालक रहा।