14 मोरे दासन क मन खरे अहइँ एह बरे उ सबइ खुस होइहीं। किन्तु अरे ओ दुस्टो, तू पचे रोया करब्या काहेकि तोहरे पचन्क मने मँ पीरा बसी। तू पचे आपन टूटे भए मन स बहोत दुःखी रहब्या।