19 का बिआ अबहुँ भी भण्डार-गृह मँ बाटइ? का अंगूरे क बेलन, अंजीर क बृच्छ, अनार अउ जइतून क बृच्छ अब तलक फल नाहीं दइ पावत अहइँ? नाहीं। मुला आजु क दिन स, अगवा क बरे मइँ तू पचन क आसीर्वाद देबउँ।’”