37 दूसर दिन भिन्सारे ओकर नसा उतरा। ऍह बरे ओकर मेहरारु हर बात बताइ दिहस। फिन नाबाल क दिल क दउरा पड़ि गवा। उ चट्टान क नाई कठोर होइ गवा।