याक़ूब 1:25 - उर्दू हमअस्र तरजुमा25 लेकिन जो शख़्स आज़ाद करने वाली कामिल शरीअत का गहराई से ग़ौर करता और उस पर क़ाइम रहता है तो वो सुन कर भूलने वाला नहीं बल्के उस पर अमल करने वाला है। ऐसा शख़्स अपने हर काम में बरकत पायेगा। Se kapitletइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201925 लेकिन जो शख़्स आज़ादी की कामिल शरी'अत पर ग़ौर से नज़र करता रहता है वो अपने काम में इसलिए बर्क़त पाएगा कि सुनकर भूलता नहीं बल्कि अमल करता है। Se kapitletकिताब-ए मुक़द्दस25 इसकी निसबत वह मुबारक है जो आज़ाद करनेवाली कामिल शरीअत में ग़ौर से नज़र डालकर उसमें क़ायम रहता है और उसे सुनने के बाद नहीं भूलता बल्कि उस पर अमल करता है। Se kapitlet |