2 पतरस 1:20 - उर्दू हमअस्र तरजुमा20 मगर सब से पहले ये जान लो के किताब-ए-मुक़द्दस की कोई भी नबुव्वत की बात की तफ़सीर अपने ज़ाती तौर पर नहीं कर सकता। Se kapitletइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201920 और पहले ये जान लो कि किताब — ए — मुक़द्दस की किसी नबुव्वत की बात की तावील किसी के ज़ाती इख़्तियार पर मौक़ूफ़ नहीं, Se kapitletकिताब-ए मुक़द्दस20 सबसे बढ़कर आपको यह समझने की ज़रूरत है कि कलामे-मुक़द्दस की कोई भी पेशगोई नबी की अपनी ही तफ़सीर से पैदा नहीं होती। Se kapitlet |