6 इथकारिए आमु अबिशवाशियौं कै जैशणौ सौतेयौंदै नी रौणौ चैंई, पौरौ जागदै औरौ चौकश रौणौ चैंई।
6 ईन्देंखे आँमें ओकी जैष्णें सुत्ते अंदे ने रंह्, परह् बीऊँजी अरह् संकने रंह्।