55 ओहर हमर पूरखा अबराहम, अऊ ओकर लईका मन जग जबान करीस कि ओकर दया ओमन कर ऊपरे, जुग-जुग बने रही।”
55 जेहर अब्राहम अउ ओकर बंश पर हमेसेच रही, जईसन ओहर हमर दाऊ-ददा मन ले कहे रहिस।”