2 पतरस 1:5 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान5 किल्हैकि तम्हैं आसा परमेशरे भलै सभाबा दी साझ़ू, तै निं तम्हैं सिधै मसीहा दी विश्वास करनै आल़ै बणां, तम्हां लागा हर बगत होरी लै भलै करने खास्सी कोशिश करनी। तेखअ निं तम्हैं सिधै भलै करनै आल़ै लोल़ी रहै, तम्हां लोल़ी होरी लै बभारा करने समझ़ बी हुई। Se kapitletकुल्वी5 होर ऐसा बजहा तुसाबै सिर्फ़ मसीह पैंधै बशाह नैंई केरना चेहिऐ, तुसाबै हमेशा सौ केरनै री भी कोशिश केरनी चेहिऐ ज़ो होरी री तैंईंयैं शोभला सा, तुसाबै सिर्फ़ सौऐ नैंई केरना चेहिऐ ज़ो शोभला सा, तुसै ऐण्ढै मांहणु भी बणा ज़ो बुद्धिमानी सैंघै बर्ताव केरना भी ज़ाणा सा, Se kapitletईनर सराजी मे नया नियम5 एउ बजा का तमे सब तरहा री कोशिश करी करे आपणे बुशाह परेदे उत्साह, होर सद्गुणा परेदे समझ, Se kapitlet |