5 कांकि स्वर्ग़दूता महु नरीकारा ने कङण कानु इसड़े केहले, “तु माया पूत छी, आज़ मैं ही तनु पैदा करले।” ते बल्ति ईं, “मैं ओचा ब़ा हुती जई ते ओ माया पूत हुवी।”