21 “धन्य शुहरे केरे अरी दी मुका योंई तोतोंई, छना कुचे केहरे तृप्त शोनी। धन्य शुह केह्रे अरी दी मुका क्रपि लेहकी तोतोंई, छना कुचे वफोई।”