50 अर वेकी दया जु वे बट्टी डरण वला लुखुं पर पीढ़ी से पीढ़ी तक बंणि रौंदी।
50 अर जु लोग परमेस्वर पर अपणी पूरि सरदा रखदिन, ऊं पर अर होण वळी पीढ़ी का लोगु पर वेकी दया बणि रौन्दी।