3 यूहन्ना 1:2 - गढवली नयो नियम2 हे प्रिय दगड़िया, मेरी या प्रार्थना च; कि जन तेरु आत्मिक जीवन (आत्मा) उन्नति कनु च, उन ही तू सभि बातों मा उन्नति कैर, अर तेरी देह मजबूत रौ। Se kapitletGarhwali2 हे मेरा प्यारा भै, मि इन प्रार्थना करदु कि जन तू आत्मिक रुप से मजबूत होन्दी जाणि छैई, ठिक उन्नि हरेक बात से भरपूर होन्दी जा अर खूब रै। Se kapitlet |