लूक़ा 1:6 - किताब-ए मुक़द्दस6 मियाँ-बीवी अल्लाह के नज़दीक रास्तबाज़ थे और रब के तमाम अहकाम और हिदायात के मुताबिक़ बेइलज़ाम ज़िंदगी गुज़ारते थे। Se kapitletइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20196 और वो दोनों ख़ुदा के सामने रास्तबाज़ और ख़ुदावन्द के सब अहकाम — ओ — क़वानीन पर बे — 'ऐब चलने वाले थे। Se kapitletउर्दू हमअस्र तरजुमा6 वह दोनों ख़ुदा की नज़र में रास्तबाज़ थे और ख़ुदावन्द के सब अहकाम और क़वानीन पर पूरी तरह बेऐब अमल करते थे। Se kapitlet |