लूक़ा 1:22 - किताब-ए मुक़द्दस22 आख़िरकार वह बाहर आया, लेकिन वह उनसे बात न कर सका। तब उन्होंने जान लिया कि उसने बैतुल-मुक़द्दस में रोया देखी है। उसने हाथों से इशारे तो किए, लेकिन ख़ामोश रहा। Se kapitletइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201922 आख़िरकार वह बाहर आया, लेकिन वह उन से बात न कर सका। तब उन्हों ने जान लिया कि उस ने ख़ुदा के घर में ख़्वाब देखा है। उस ने हाथों से इशारे तो किए, लेकिन ख़ामोश रहा। Se kapitletउर्दू हमअस्र तरजुमा22 जब वह बाहर आये, तो उन से बोल न सके। वह समझ गये के ज़करियाह ने बैतुलमुक़द्दस में कोई रोया देखी है, क्यूंके वह उन से इशारों में बातें करते थे लेकिन बोल नहीं सकते थे। Se kapitlet |